सहायता और पूछताछ: ☎ +91 7309990011 WhatsApp ✉ info@websofy.com
श्रीराम जन्मभूमि प्रतीकश्रीराम जन्मभूमिअयोध्या · रामायण · यात्रा मार्गदर्शिका

पंचांग · अयोध्या

पंचांग, 23 मई 2026

शनिवार · अष्टमी, शुक्ल पक्ष · ज्येष्ठ मास · विक्रम संवत् 2083

स्थान सूची में नहीं? अक्षांश, देशान्तर और समय क्षेत्र भरें
इनका उपयोग करने के लिए ऊपर "अन्य स्थान" चुनें। भारत का समय UTC+5.5 है।
← पिछला दिन · अगला दिन →
तिथिअष्टमी (शुक्ल पक्ष) तक 04:28 (अगले दिन), फिर नवमी
नक्षत्रमघा (चरण 1) तक 02:09, फिर पूर्वा फाल्गुनी
योगध्रुव तक 06:12
करण (सूर्योदय पर)विष्टि (भद्रा)
वारशनिवार
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृषभ
सूर्योदय / सूर्यास्त05:10 / 18:45
मास (पूर्णिमान्त)ज्येष्ठ · अमान्त: ज्येष्ठ
अयनांश (लाहिड़ी)24° 13'

शुभ और अशुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:30–12:25
राहुकाल08:34–10:16
यमगण्ड13:39–15:21
गुलिक काल05:10–06:52

उग्र नक्षत्र: शुभ कार्यों की शुरुआत से बचें; साहस और कठिन कामों के लिए उपयुक्त।

चौघड़िया

दिन
काल05:10–06:52
शुभ06:52–08:34
रोग08:34–10:16
उद्वेग10:16–11:58
चर11:58–13:39
लाभ13:39–15:21
अमृत15:21–17:03
काल17:03–18:45
रात
लाभ18:45–20:03
उद्वेग20:03–21:21
शुभ21:21–22:39
अमृत22:39–23:57
चर23:57–01:15
रोग01:15–02:34
काल02:34–03:52
लाभ03:52–05:10

पंचांग के पाँच अंग

  • तिथि: चान्द्र दिवस, सूर्य से चन्द्रमा की दूरी के हर 12 अंश पर; एक चान्द्र मास में 30।
  • वार: सप्ताह का दिन, सूर्योदय से सूर्योदय तक।
  • नक्षत्र: चन्द्रमा जिस नक्षत्र में है, 13°20' के 27 भागों में से एक।
  • योग: सूर्य और चन्द्रमा के भोगांश के योग से; कुल 27।
  • करण: आधी तिथि; शुभ कार्यों में विष्टि (भद्रा) टाली जाती है।

आम प्रश्न

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) के आठ बराबर भागों में से एक है, जो वार के अनुसार तय होता है। परम्परा में इसमें नया और शुभ काम आरम्भ नहीं किया जाता।

पंचांग शहर के अनुसार अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और सूर्यास्त स्थान के साथ बदलते हैं, और दिन की तिथि व नक्षत्र स्थानीय सूर्योदय पर लिए जाते हैं; राहुकाल और चौघड़िया भी स्थानीय सूर्योदय से गिने जाते हैं।

चौघड़िया क्या है?

दिन और रात, दोनों को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है जिन्हें चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ अच्छे, चर यात्रा के लिए अच्छा, और उद्वेग, काल व रोग महत्त्वपूर्ण कामों के लिए टाले जाते हैं।

ज्योतिष चिन्तन के लिए एक पारम्परिक मार्गदर्शन है, निश्चितता नहीं। स्वास्थ्य, धन, कानूनी या विवाह सम्बन्धी निर्णयों के लिए योग्य विशेषज्ञों और पूरी कुण्डली देखने वाले विद्वान ज्योतिषी से सलाह लें। गणना: लाहिड़ी अयनांश; चन्द्रमा और ग्रह मानक खगोलीय सूत्रों से।