राम मंदिर दर्शन मार्गदर्शिका: क्रमवार
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन कैसे होते हैं: प्रवेश, लॉकर, क्या न ले जाएँ, पंक्ति, आरती पास, वेश, बुज़ुर्ग और आम ठगी से बचाव।
यात्रा योजना
ये मार्गदर्शिकाएँ पहली बार आने वालों के सबसे आम प्रश्नों के उत्तर देती हैं: अयोध्या कैसे पहुँचें, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन कैसे होते हैं, कब आएँ, एक या दो दिन में क्या देखें, कहाँ ठहरें और बुज़ुर्गों व बच्चों को कैसे सहज रखें। नियम, समय और दरें बदलती रहती हैं, इसलिए इन्हें योजना में सहायता मानें और हर पृष्ठ पर दिए आधिकारिक स्रोतों से वर्तमान स्थिति की पुष्टि करें।
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन कैसे होते हैं: प्रवेश, लॉकर, क्या न ले जाएँ, पंक्ति, आरती पास, वेश, बुज़ुर्ग और आम ठगी से बचाव।
अयोध्या पहुँचना: हवाई अड्डा, दो रेलवे स्टेशन, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर से सड़क दूरी, और नगर के भीतर आवागमन।
अयोध्या कब जाएँ: हर ऋतु का मौसम, भारी भीड़ वाले पर्व, कोहरे और गर्मी की चेतावनी, और दर्शन के लिए सबसे शान्त सप्ताह।
पारम्परिक क्रम में एक दिन की व्यावहारिक अयोध्या योजना: सरयू, हनुमानगढ़ी, राम मंदिर, कनक भवन, दशरथ महल और संध्या आरती।
अयोध्या में दो इत्मीनान के दिन: पहले दिन मुख्य मंदिर और सरयू आरती; दूसरे दिन गुप्तार घाट, नन्दीग्राम, सूरज कुण्ड और मणि पर्वत।
अयोध्या में ठहरने का चुनाव: धर्मशाला, गेस्ट हाउस, होमस्टे और होटल, कौन-सा क्षेत्र आपके लिए ठीक है, बुकिंग के सुझाव और नकली बुकिंग से बचाव।
अयोध्या में सुरक्षित रहें: भीड़, बिछड़े परिजन, नदी स्नान, गर्मी-सर्दी, भोजन-पानी, वाहन किराया, ऑनलाइन ठगी और किसे कॉल करें।
वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग परिजनों या छोटे बच्चों के साथ अयोध्या यात्रा: व्हीलचेयर, पैदल दूरी, विश्राम, समय और साथ क्या रखें।
भारत के बाहर से अयोध्या की योजना: वीज़ा, किस हवाई अड्डे पर उतरें, मुद्रा, सिम, भाषा, भोजन, स्वास्थ्य और होटल में माँगे जाने वाले काग़ज़।
क्या पहनें, जूते कहाँ उतारें, दर्शन, प्रसाद और आरती का अर्थ, कहाँ चित्र न लें, और अयोध्या के मंदिरों में कैसा आचरण रखें।
अयोध्या को वाराणसी और प्रयागराज से जोड़ने वाली पाँच दिन की व्यावहारिक योजना: सड़क दूरी, हर नगर में क्या देखें, और लखनऊ जैसे वैकल्पिक पड़ाव।
अयोध्या से रामेश्वरम् तक: वे स्थान जिन्हें परम्परा श्रीराम के जीवन के हर चरण से जोड़ती है, और हर स्थान से जुड़ा प्रसंग। अयोध्या से आगे की योजना बनाने वालों के लिए।