श्रीराम जन्मभूमिअयोध्या · रामायण · यात्रा मार्गदर्शिका

अस्वीकरण

ShriRamJanmabhumi.com एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है, मंदिर न्यास की आधिकारिक साइट नहीं। कृपया पढ़ें कि हमारी यात्रा, धार्मिक और लिस्टिंग सामग्री का उपयोग कैसे करें।

आधिकारिक वेबसाइट नहीं

ShriRamJanmabhumi.com एक स्वतंत्र, निजी रूप से संचालित सूचना वेबसाइट है। यह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, किसी मंदिर, किसी धार्मिक न्यास, भारत सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार से सम्बद्ध, उनके द्वारा अनुमोदित या उनकी ओर से संचालित नहीं है। मंदिर न्यास की आधिकारिक वेबसाइट srjbtkshetra.org है।

न दान, न पास

हम किसी मंदिर के लिए दान स्वीकार नहीं करते और दर्शन, आरती या कोई अन्य पास न बेचते हैं न जारी करते हैं। अयोध्या के मंदिरों में दर्शन निःशुल्क है। इन कार्यों के लिए हमारे नाम पर धन माँगने वाला कोई भी व्यक्ति हमारी ओर से कार्य नहीं कर रहा।

धार्मिक और ऐतिहासिक सामग्री

इस साइट की कथाएँ रामायण की परम्परा से, मुख्यतः वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस से, तथा दीर्घकालीन स्थानीय मान्यता से ली गई हैं। विभिन्न ग्रन्थ और समुदाय कुछ प्रसंगों को भिन्न रूप में कहते हैं, और जहाँ आवश्यक था वहाँ हमने यह बताने का प्रयास किया है। "परम्परा कहती है" या "मान्यता है" से आरम्भ होने वाले कथन आस्था और रीति का वर्णन हैं, स्थापित इतिहास के रूप में प्रस्तुत नहीं किए गए। यहाँ कुछ भी किसी व्यक्ति या समुदाय की भावना को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से नहीं है।

यात्रा सम्बन्धी जानकारी

समय, प्रवेश नियम, मार्ग, दूरियाँ, परिवहन सेवाएँ और दरें बदलती रहती हैं, कभी-कभी अल्प सूचना पर और विशेषकर पर्वों के आसपास। इस साइट की जानकारी केवल सामान्य योजना के लिए है। यात्रा से पहले अपने लिए महत्त्वपूर्ण बातों की पुष्टि मंदिर, जिला प्रशासन, रेलवे, विमान सेवा या सेवा प्रदाता से करें। इस जानकारी पर निर्भरता से हुई हानि या असुविधा के लिए हम उत्तरदायी नहीं हैं।

हेल्पलाइन नंबर

हम राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय हेल्पलाइन नंबर जाँचकर प्रकाशित करते हैं, पर अधिकारी नंबर बदल सकते हैं। भारत में किसी भी आपात स्थिति में 112 डायल करें।

डायरेक्टरी लिस्टिंग और विज्ञापन

लिस्टिंग व्यवसाय स्वामियों द्वारा भेजी जाती हैं और प्रकाशन से पहले हम उन्हें जाँचते हैं। "सत्यापित" का अर्थ है कि हमने फ़ोन नंबर और पता जाँचा है; यह गुणवत्ता, दर, सुरक्षा या उपलब्धता की गारण्टी नहीं है। "विशेष" और "प्रायोजित" सशुल्क स्थान हैं। आपके और किसी व्यवसाय के बीच का कोई भी लेन-देन केवल आप दोनों के बीच है। कृपया असत्यापित नंबरों पर अग्रिम भुगतान न करें, और किसी ग़लत या भ्रामक लिस्टिंग की सूचना सम्पर्क पृष्ठ से दें।

गाइडेड टूर अनुरोध

जब आप गाइडेड टूर का अनुरोध करते हैं, तो हम उसे अपनी टीम और स्थानीय गाइडों तक पहुँचाते हैं। कुछ भी तय होने से पहले शुल्क, समय और सेवाएँ सीधे आपसे तय की जाती हैं।

चित्र और वीडियो

कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बने चित्रों और वीडियो पर लेबल होता है; वे कलात्मक कल्पना हैं, वास्तविक दृश्यों या घटनाओं के छायाचित्र नहीं।

स्वास्थ्य और सुरक्षा

इस साइट की सामान्य सलाह चिकित्सकीय या व्यावसायिक परामर्श का विकल्प नहीं है। हमारा गोपनीयता पृष्ठ और शर्तें भी देखें।

अंतिम अद्यतन:

आगे पढ़ें

रामायण

अयोध्याकाण्ड: वचन और वनवास

रामायण का दूसरा काण्ड: राज्याभिषेक की तैयारी, कैकेयी के दो वर, सीता-लक्ष्मण सहित राम का वनवास, और भरत का राज्य लेने से इनकार।

रामायण

अरण्यकाण्ड: वन के वर्ष

रामायण का तीसरा काण्ड: दण्डक और पंचवटी का जीवन, शूर्पणखा, स्वर्ण मृग, रावण द्वारा सीता-हरण, जटायु और शबरी।

रामायण

सुन्दरकाण्ड: हनुमान की लंका-यात्रा

रामायण का पाँचवाँ और सबसे प्रिय काण्ड: हनुमान समुद्र लाँघते हैं, अशोक वाटिका में सीता को पाते हैं, लंका दहन करते हैं और संदेश लेकर लौटते हैं।

जीवन-शिक्षा

अहंकार पर विजय: रावण की सीख

रावण के पास विद्या, बल और स्वर्ण-नगरी थी, और अहंकार व वासना में उसने सब खो दिया। रामायण ने खलनायक को विद्वान क्यों बनाया, और यह किससे सावधान करता है।

अयोध्या

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या

अयोध्या में श्रीराम के जन्मस्थान पर बना मंदिर: कथा, वास्तुकला, रामलला का विग्रह, दर्शन की व्यवस्था और यात्रियों के लिए उपयोगी सुझाव।

अयोध्या

कनक भवन: सीता-राम का महल

अयोध्या का कनक भवन वह स्वर्ण महल माना जाता है जो कैकेयी ने नववधू सीता को दिया। इसकी कथा, स्वर्ण-मुकुटधारी विग्रह और दर्शन की जानकारी।