श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या
अयोध्या में श्रीराम के जन्मस्थान पर बना मंदिर: कथा, वास्तुकला, रामलला का विग्रह, दर्शन की व्यवस्था और यात्रियों के लिए उपयोगी सुझाव।
अयोध्या
अयोध्या उत्तर प्रदेश में सरयू नदी के तट पर स्थित है और हिन्दू परम्परा की सात मोक्षदायिनी पुरियों में प्रथम गिनी जाती है। यहाँ की लगभग हर गली रामायण के किसी प्रसंग से जुड़ी है। नीचे हर स्थान के साथ उसकी प्रचलित कथा, परम्पराओं के पीछे का तर्क, कितना समय रखें और मानचित्र का लिंक दिया गया है। पर्वों पर समय और नियम बदल सकते हैं, इसलिए जाने से पहले स्थानीय स्तर पर पुष्टि कर लें।
अयोध्या में श्रीराम के जन्मस्थान पर बना मंदिर: कथा, वास्तुकला, रामलला का विग्रह, दर्शन की व्यवस्था और यात्रियों के लिए उपयोगी सुझाव।
हनुमानगढ़ी, अयोध्या में टीले पर बना हनुमान जी का गढ़-मंदिर: राम मंदिर से पहले यहाँ दर्शन क्यों, 76 सीढ़ियाँ, कथा और दर्शन के सुझाव।
अयोध्या का कनक भवन वह स्वर्ण महल माना जाता है जो कैकेयी ने नववधू सीता को दिया। इसकी कथा, स्वर्ण-मुकुटधारी विग्रह और दर्शन की जानकारी।
अयोध्या के रामकोट का दशरथ महल महाराज दशरथ के महल का स्थान माना जाता है, जहाँ श्रीराम और उनके भाई बड़े हुए। कथा और दर्शन के सुझाव।
राम की पैड़ी अयोध्या में सरयू के किनारे स्नान-घाटों की लम्बी शृंखला है, जहाँ दीपोत्सव मनाया जाता है। क्या देखें और कब जाएँ।
अयोध्या के नया घाट पर सरयू नदी: नदी पवित्र क्यों है, संध्या आरती, नौका विहार, दर्शनीय घाट और स्नान के लिए सुरक्षा सुझाव।
सरयू तट का गुप्तार घाट वह स्थान माना जाता है जहाँ श्रीराम ने पृथ्वी पर अपनी लीला पूर्ण कर जल में प्रवेश किया। कथा, मंदिर और दर्शन।
अयोध्या में राम की पैड़ी पर स्थित शिव मंदिर नागेश्वरनाथ श्रीराम के पुत्र कुश द्वारा स्थापित माना जाता है। खोए हुए कंगन की कथा।
अयोध्या में नया घाट के पास त्रेता के ठाकुर वह स्थान माना जाता है जहाँ श्रीराम ने अश्वमेध यज्ञ किया। श्याम शिला के विग्रह और कथा।
मणि पर्वत अयोध्या का एक छोटा टीला है जो हनुमान के संजीवनी पर्वत और राजा जनक के रत्न-दान से जुड़ा है। यहीं से सावन झूला मेला आरम्भ होता है।
अयोध्या में जन्मभूमि के पास सीता की रसोई वह स्थान मानी जाती है जहाँ नववधू सीता ने पहली बार भोजन बनाया। इसका अर्थ और अन्नपूर्णा परम्परा।
अयोध्या का तुलसी स्मारक भवन रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास को समर्पित है: शोध संस्थान, रामलीला और राम कथा संग्रहालय।
अयोध्या के पास नन्दीग्राम का भरत कुण्ड वह स्थान माना जाता है जहाँ भरत ने चौदह वर्ष तपस्वी रहकर राम की पादुकाओं के नाम पर शासन किया।
अयोध्या के पास दर्शन नगर का सूरज कुण्ड एक प्राचीन सीढ़ीदार सरोवर और सूर्य मंदिर है, जो श्रीराम के सूर्यवंशी पूर्वजों से जुड़ा है।
अयोध्या में नया घाट के पास लता मंगेशकर चौक एक प्रमुख चौराहा है, जहाँ असंख्य राम-भजन गाने वाली गायिका के सम्मान में 40 फुट की वीणा स्थापित है।