ज्योतिष
निःशुल्क जन्म कुण्डली: आपकी कुण्डली सरल शब्दों में
जन्म तिथि, ठीक समय और स्थान भरें। आपको लग्न, चन्द्र राशि, नक्षत्र और नाम अक्षर, नौ ग्रहों की स्थिति, उत्तर भारतीय कुण्डली चक्र, मांगलिक विचार और विंशोत्तरी दशा मिलेगी।
अपनी कुण्डली कैसे पढ़ें
लग्न जन्म के क्षण पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है; यह बारह भाव तय करता है और आपके शरीर, स्वभाव और जीवन की दिशा बताता है। चन्द्र राशि मन को दर्शाती है, और चन्द्रमा का नक्षत्र वह पहला अक्षर देता है जिससे परम्परा में बच्चे का नाम रखा जाता है। बारह भाव क्रम से स्वयं, धन, भाई-बहन, घर, सन्तान, स्वास्थ्य, विवाह, आयु, भाग्य, कर्म, लाभ और व्यय से सम्बन्धित हैं।
आम प्रश्न
कुण्डली बनाने के लिए क्या चाहिए?
आपकी जन्म तिथि, जन्म का ठीक समय और जन्म स्थान। समय जितना सही होगा, लग्न उतना ही सटीक होगा।
मांगलिक दोष क्या है?
जब जन्म कुण्डली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में मंगल हो, तो कुण्डली मांगलिक कहलाती है। कई परम्पराएँ चन्द्रमा से भी देखती हैं, और कई स्थितियों में इसका प्रभाव निरस्त माना जाता है, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विद्वान ज्योतिषी से परामर्श करें।
क्या मेरा जन्म विवरण सहेजा जाता है?
नहीं। कुण्डली उसी समय गणना होती है और कुछ भी सहेजा नहीं जाता।
ज्योतिष चिन्तन के लिए एक पारम्परिक मार्गदर्शन है, निश्चितता नहीं। स्वास्थ्य, धन, कानूनी या विवाह सम्बन्धी निर्णयों के लिए योग्य विशेषज्ञों और पूरी कुण्डली देखने वाले विद्वान ज्योतिषी से सलाह लें। गणना: लाहिड़ी अयनांश; चन्द्रमा और ग्रह मानक खगोलीय सूत्रों से।