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शिव पुराण: सम्पूर्ण कथा संहिता-दर-संहिता सरल हिन्दी में

शिव पुराण अपनी सात संहिताओं में, क्रम से: शिव महिमा, अग्नि-स्तम्भ की कथा, सती और पार्वती, कार्तिकेय और गणेश का जन्म, द्वादश ज्योतिर्लिंग, शिव के अवतार और शिव पूजा की विधि।

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शिव पुराण अठारह महापुराणों में से एक है और भगवान शिव की महिमा, उनकी लीलाओं, उनके अवतारों, शिवलिंग और ज्योतिर्लिंगों की उत्पत्ति तथा शिव पूजा की विधि का सबसे विस्तृत ग्रन्थ है। नैमिषारण्य में शौनक आदि ऋषियों के पूछने पर सूत जी ने यह कथा सुनाई, जो उन्होंने अपने गुरु वेदव्यास जी से सुनी थी। वर्तमान में उपलब्ध शिव पुराण में लगभग 24,000 श्लोक और सात संहिताएँ हैं।

शिव पुराण बताता है कि शिव केवल संहारक नहीं, कल्याणकारी हैं — "शिव" का अर्थ ही है मंगल। वे अत्यन्त सरल हैं: एक लोटा जल और एक बिल्वपत्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं, इसलिए उन्हें आशुतोष और भोलेनाथ कहा जाता है।

सात संहिताएँ और उनके खण्ड

  • विद्येश्वर संहिता: शिव पुराण का माहात्म्य, शिवलिंग पूजा का महत्त्व, अग्नि-स्तम्भ की कथा, पंचाक्षर मन्त्र, रुद्राक्ष और भस्म।
  • रुद्र संहिता — सृष्टि खण्ड: सृष्टि की रचना, नारद का मोह, गुणनिधि की कथा, कुबेर।
  • रुद्र संहिता — सती खण्ड: दक्ष-पुत्री सती का विवाह, दक्ष यज्ञ, सती का देह-त्याग, वीरभद्र।
  • रुद्र संहिता — पार्वती खण्ड: हिमवान के घर पार्वती का जन्म, तपस्या, कामदेव दहन, शिव-पार्वती विवाह।
  • रुद्र संहिता — कुमार खण्ड: कार्तिकेय का जन्म, तारकासुर वध, गणेश का जन्म और गजमुख।
  • रुद्र संहिता — युद्ध खण्ड: त्रिपुर-दाह, जलन्धर, शंखचूड़, अन्धकासुर।
  • शतरुद्र संहिता: शिव के अवतार: नन्दी, भैरव, वीरभद्र, शरभ, हनुमान, अश्वत्थामा, किरात।
  • कोटिरुद्र संहिता: बारह ज्योतिर्लिंगों की कथाएँ और शिवरात्रि व्रत।
  • उमा संहिता: दान, तप, पाप-पुण्य, यमलोक, देवी उमा की महिमा।
  • कैलास संहिता: ॐकार और प्रणव का अर्थ, संन्यास और शैव उपासना।
  • वायवीय संहिता: शिव तत्त्व का दर्शन, पाशुपत योग, शिव-ज्ञान।

पाठ कैसे करें

सावन मास, महाशिवरात्रि और सोमवार को शिव पुराण का पाठ या श्रवण विशेष फलदायी माना गया है। परम्परा में इसे सात दिनों में सुनने की विधि भी है (शिव पुराण सप्ताह)। यहाँ हर भाग अलग पृष्ठ पर है: क्रम से पढ़ें या "सुनें" दबाएँ।

आम प्रश्न

शिव पुराण में कितनी संहिताएँ हैं?

वर्तमान प्रचलित शिव पुराण में सात संहिताएँ हैं: विद्येश्वर, रुद्र, शतरुद्र, कोटिरुद्र, उमा, कैलास और वायवीय। रुद्र संहिता के पाँच खण्ड हैं।

क्या शिव पुराण घर में पढ़ सकते हैं?

हाँ। श्रद्धा और शुद्धता से कोई भी व्यक्ति घर में शिव पुराण पढ़ या सुन सकता है। सबसे बड़ा नियम मन की श्रद्धा है।

शिव पुराण का मूल मन्त्र क्या है?

पंचाक्षर मन्त्र "ॐ नमः शिवाय"। शिव पुराण इसे सबसे सरल और सबसे शक्तिशाली मन्त्र बताता है।

सभी अध्याय: पढ़ें और सुनें

  1. 1शिव पुराण विद्येश्वर संहिता: शिव पुराण माहात्म्य, शिवलिंग, पंचाक्षर और रुद्राक्षशिव पुराण का पहला भाग: इस पुराण के श्रवण की महिमा, देवराज और चंचुला की कथा, ब्रह्मा-विष्णु के बीच अग्नि-स्तम्भ, शिवलिंग पूजा, "ॐ नमः शिवाय"…
  2. 2शिव पुराण रुद्र संहिता, सृष्टि खण्ड: नारद मोह, सृष्टि रचना और गुणनिधि-कुबेर कथारुद्र संहिता का सृष्टि खण्ड: विष्णु की माया से नारद जी का अभिमान कैसे टूटा, सदाशिव से सृष्टि, रुद्र का प्रकट होना, और गुणनिधि की कथा जो आगे…
  3. 3शिव पुराण रुद्र संहिता, सती खण्ड: सती-शिव विवाह, दक्ष यज्ञ और वीरभद्रसती खण्ड: दक्ष के घर सती का जन्म, तप और शिव से विवाह, वन में श्रीराम की परीक्षा, दक्ष का द्वेष, शिव के बिना यज्ञ, सती का देह-त्याग और वीरभद…
  4. 4शिव पुराण रुद्र संहिता, पार्वती खण्ड: पार्वती का तप, कामदेव दहन और शिव-पार्वती विवाहपार्वती खण्ड: हिमवान और मैना के घर पार्वती का जन्म, नारद की भविष्यवाणी, तारकासुर का वरदान, कामदेव दहन, अपर्णा बनकर पार्वती का तप, शिव की पर…
  5. 5शिव पुराण रुद्र संहिता, कुमार खण्ड: कार्तिकेय जन्म, तारकासुर वध और गणेश जन्म कथाकुमार खण्ड: कार्तिकेय का जन्म और कृत्तिकाओं द्वारा पालन, तारकासुर वध, पार्वती द्वारा गणेश की रचना, गजमुख, प्रथम पूज्य का वरदान और माता-पिता…
  6. 6शिव पुराण रुद्र संहिता, युद्ध खण्ड: त्रिपुरासुर, जलन्धर-वृन्दा, शंखचूड़ और अन्धकासुरयुद्ध खण्ड: एक बाण से त्रिपुर का दहन, जलन्धर और वृन्दा की कथा और तुलसी व शालग्राम की उत्पत्ति, शंखचूड़, अन्धकासुर जो भृंगी बने, और गजासुर।
  7. 7शिव पुराण शतरुद्र संहिता: शिव के अवतार — नन्दी, भैरव, वीरभद्र, शरभ, हनुमान और किरातशतरुद्र संहिता में शिव के अवतारों का वर्णन है: पाँच मुख, अर्धनारीश्वर, नन्दी, काशी के काल भैरव, वीरभद्र, नृसिंह को शान्त करने वाले शरभ, हनु…
  8. 8शिव पुराण कोटिरुद्र संहिता: 12 ज्योतिर्लिंगों की कथाएँ और महाशिवरात्रि व्रत कथाकोटिरुद्र संहिता में सोमनाथ से घृष्णेश्वर तक बारहों ज्योतिर्लिंगों की उत्पत्ति की कथाएँ, शिवरात्रि व्रत की व्याध (शिकारी) वाली कथा, और विष्…
  9. 9शिव पुराण उमा संहिता: दान, कर्मफल, यम मार्ग और देवी उमा की महिमाउमा संहिता: पुत्र के लिए श्रीकृष्ण द्वारा शिव की उपासना, दान के प्रकार और फल, पाप और उनके परिणाम, यमलोक का मार्ग, व्यास जी का जन्म, और महाक…
  10. 10शिव पुराण कैलास संहिता: ॐकार (प्रणव) का अर्थ, संन्यास और शिव उपासनाकैलास संहिता: पार्वती जी का शिव से ॐकार का अर्थ पूछना, वामदेव मुनि के कार्तिकेय से प्रश्न, संन्यास की विधि, शिव की आन्तरिक उपासना और "शिवोऽ…
  11. 11शिव पुराण वायवीय संहिता: शिव तत्त्व, पशु-पाश-पति, पाशुपत योग और उपमन्यु की कथाशिव पुराण का अन्तिम भाग, वायु देव द्वारा कथित: शिव पति, जीव पशु और बन्धन पाश, पाशुपत व्रत और शिव योग, बालक उपमन्यु की कथा, और पंचाक्षर से श…

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