अयोध्या कैसे पहुँचें: हवाई, रेल और सड़क मार्ग
अयोध्या पहुँचना: हवाई अड्डा, दो रेलवे स्टेशन, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर से सड़क दूरी, और नगर के भीतर आवागमन।
अयोध्या कहाँ है
अयोध्या पूर्वी उत्तर प्रदेश में सरयू के दक्षिणी तट पर है। प्राचीन मंदिर-नगरी और पहले फ़ैज़ाबाद कहलाने वाला बड़ा नगर अब एक ही नगर निगम और एक ही जिला हैं, दोनों का नाम अयोध्या है। यहाँ दी गई दूरियाँ अनुमानित हैं।
हवाई मार्ग
महर्षि वाल्मीकि अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम, 2023 के अन्त में आरम्भ हुआ और मंदिर क्षेत्र से लगभग 10 किमी दूर है। यहाँ से देश के कई बड़े नगरों के लिए सीधी उड़ानें हैं; मार्ग और समय बदलते रहते हैं, इसलिए विमान सेवाओं से जाँचें। टर्मिनल के बाहर प्रीपेड टैक्सी और ऐप कैब मिलती हैं।
उपयुक्त उड़ान न मिले तो सामान्य विकल्प लखनऊ हवाई अड्डा है, सड़क से लगभग तीन घंटे; उसके बाद गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी।
रेल मार्ग
यहाँ दो स्टेशन हैं, और सही स्टेशन चुनने से समय बचता है।
- अयोध्या धाम जंक्शन मंदिर-नगरी का स्टेशन है, नया और विस्तृत, हनुमानगढ़ी और राम मंदिर प्रवेश से लगभग 1 से 2 किमी। यदि आपकी ट्रेन यहाँ रुकती है तो यही चुनें।
- अयोध्या कैंट, पूर्व फ़ैज़ाबाद जंक्शन, लगभग 8 से 10 किमी दूर है और यहाँ लम्बी दूरी की अधिक ट्रेनें आती हैं।
अयोध्या के लिए दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, कोलकाता, मुम्बई और अन्य नगरों से सीधी ट्रेनें हैं, तेज़ गाड़ियों सहित। पर्वों की तिथियों के लिए पहले से आरक्षण कराएँ। पूछताछ के लिए 139 डायल करें।
सड़क मार्ग
अच्छे राजमार्ग अयोध्या को लखनऊ (लगभग 135 किमी, ढाई से तीन घंटे), गोरखपुर (लगभग 135 किमी), प्रयागराज (लगभग 165 किमी) और वाराणसी (लगभग 210 किमी) से जोड़ते हैं। लखनऊ और अन्य नगरों से परिवहन निगम की बसें बार-बार चलती हैं। अपनी गाड़ी से आएँ तो मुख्य मंदिर क्षेत्र के बाहर निर्धारित पार्किंग में खड़ी कर ई-रिक्शा या पैदल आगे जाना होगा, विशेषकर भीड़ के दिनों में जब वाहन और पहले रोक दिए जाते हैं।
अयोध्या के भीतर आवागमन
- ई-रिक्शा और ऑटो मुख्य स्थानीय साधन हैं। साझा वाहन निश्चित मार्गों पर चलते हैं; अकेले के लिए लें तो किराया पहले तय करें।
- इलेक्ट्रिक सिटी बसें स्टेशनों, हवाई अड्डे और मुख्य स्थानों को जोड़ती हैं।
- रामकोट के मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल और राम मंदिर, पैदल देखना सबसे अच्छा है।
- गुप्तार घाट, भरत कुण्ड और सूरज कुण्ड के लिए कुछ घंटों के लिए टैक्सी या ऑटो लें।
एक उपयोगी परिपथ
अनेक श्रद्धालु अयोध्या के साथ वाराणसी और प्रयागराज, या चित्रकूट (जहाँ राम ने वनवास का आरम्भिक समय बिताया) और लखनऊ जोड़ते हैं।
आगे: अयोध्या में कहाँ ठहरें और एक दिन में अयोध्या। टैक्सी और यात्रा सेवाएँ डायरेक्टरी में हैं।
समय, प्रवेश नियम, मार्ग और दरें बदलती रहती हैं, विशेषकर पर्वों पर। यात्रा से पहले मंदिर, जिला प्रशासन या सेवा प्रदाता से पुष्टि अवश्य करें।
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