श्रीराम जन्मभूमिअयोध्या · रामायण · यात्रा मार्गदर्शिका

यात्रा योजना

राम मंदिर दर्शन मार्गदर्शिका: क्रमवार

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन कैसे होते हैं: प्रवेश, लॉकर, क्या न ले जाएँ, पंक्ति, आरती पास, वेश, बुज़ुर्ग और आम ठगी से बचाव।

कमरे से निकलने से पहले

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन निःशुल्क हैं और सबके लिए खुले हैं। समय सुरक्षा जाँच में लगता है, इसलिए शान्त दर्शन का सबसे सरल उपाय है कि लगभग कुछ भी साथ न ले जाएँ।

  • हो सके तो फ़ोन, कैमरा, पावर बैंक, ईयरफ़ोन और स्मार्ट वॉच कमरे में छोड़ दें। लाएँगे तो जमा कराने होंगे।
  • चमड़े की पेटी, बटुआ और बैग, तम्बाकू, खाद्य सामग्री और बड़े थैले वर्जित हैं।
  • फ़ोटो पहचान-पत्र, थोड़ा नक़द, आवश्यक दवा और पानी की छोटी बोतल रखें।
  • शालीन, आरामदायक वस्त्र और आसानी से उतरने वाले जूते-चप्पल पहनें। भारतीय वेश प्रचलित है, पर अनिवार्य नहीं।

चरण 1: पहले हनुमानगढ़ी

परम्परा के अनुसार आरम्भ हनुमानगढ़ी से करें और रक्षक की आज्ञा लें। यह मंदिर के प्रवेश से एक किलोमीटर से कम दूर है।

चरण 2: प्रवेश-स्थल तक पहुँचें

श्रद्धालु राम पथ की ओर से मुख्य मार्ग, राम जन्मभूमि पथ, से प्रवेश करते हैं। वाहन काफ़ी पहले रुक जाते हैं; ई-रिक्शा पैदल मार्ग के आरम्भ के पास उतारते हैं।

चरण 3: लॉकर और जूता-घर

तीर्थयात्री सुविधा केन्द्र पर फ़ोन और सामान जमा करने तथा जूते-चप्पल रखने के काउण्टर हैं। आपको टोकन मिलता है। उसे ऐसी जेब में रखें जिसे आप ख़ाली नहीं करेंगे। यहाँ पेयजल, शौचालय, बैठने की जगह, प्राथमिक उपचार और व्हीलचेयर उपलब्ध हैं।

चरण 4: सुरक्षा जाँच और पैदल मार्ग

मेटल डिटेक्टर और जाँच के बाद ढके हुए मार्ग से मंदिर तक जाते हैं। बैरिकेड के अनुसार चलें; एक ही पंक्ति है और वह चलती रहती है।

चरण 5: दर्शन

पूर्व दिशा की सीढ़ियाँ चढ़कर मण्डपों से होते हुए आप रामलला के सामने पहुँचते हैं। भीड़ के दिनों में गर्भगृह के सामने कुछ ही क्षण मिलते हैं, इसलिए पहले से तय कर लें कि क्या प्रार्थना करनी है, और दृष्टि पैरों पर नहीं, ऊपर रखें। निकास मार्ग पर प्रसाद मिलता है।

आरती और विशेष पास

न्यास प्रतिदिन की आरतियों के लिए सीमित संख्या में पास जारी करता है। ये केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या अयोध्या स्थित काउण्टर से, पहचान-पत्र पर मिलते हैं, और बेचे नहीं जाते। समय ऋतु के अनुसार बदलता है, इसलिए यात्रा से कुछ पहले srjbtkshetra.org देखें।

दिन का उत्तम समय

सुबह खुलने के तुरन्त बाद और देर संध्या प्रायः शान्त रहती है। गर्मी में दोपहर से बचें। सप्ताहान्त, मंगलवार, अवकाश और पर्वों पर सबसे अधिक भीड़ रहती है; देखें अयोध्या जाने का उत्तम समय।

बुज़ुर्ग, बच्चे और दिव्यांग यात्री

सुविधा केन्द्र पर व्हीलचेयर माँगें; स्वयंसेवक सहायता करते हैं। विस्तार से: बुज़ुर्गों और बच्चों के साथ अयोध्या।

इन ठगियों से बचें

  • पैसे लेकर "वीआईपी दर्शन" या "सीधा प्रवेश"। ऐसा कुछ नहीं होता।
  • मंदिर के नाम पर दान माँगने वाली वेबसाइट या फ़ोन। केवल न्यास के आधिकारिक माध्यम से दें।
  • "फ़ोन सुरक्षित रख देंगे" कहने वाले अपरिचित। आधिकारिक लॉकर का ही उपयोग करें।

ठगी हो तो 1930 (साइबर अपराध) या 112 पर कॉल करें। और पढ़ें: श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा सुझाव और हेल्पलाइन। दर्शन के बाद कनक भवन और दशरथ महल जाएँ।

समय, प्रवेश नियम, मार्ग और दरें बदलती रहती हैं, विशेषकर पर्वों पर। यात्रा से पहले मंदिर, जिला प्रशासन या सेवा प्रदाता से पुष्टि अवश्य करें।

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